कितने बदल गए हम भीप्यास ही जिंदगी कर लीमौसम से रंज कर बैठेऔर फूलों से दोस्ती कर ली। क्या मिला, न मिला, देखे कौन?कौन इतना हिसाब कर डालेहै फुर्सत किसे जो वणिकों साअपना मिज़ाज कर डाले? जफ़ा वाले सोच में रहतेकि पत्थर का जवाब पत्थर हैमैंने रिवायत पलट कर रख डालीफूलों में जवाब कर डाला। लगा लो मिल्कियत का हिसाबमैंने पलड़े ग़ज़ल को रख डालातुम जो चाहो तुम रख डालोमैंने अपनी शग़ल को रख डाला। अब देखें कहां ले...
महफिल
कहीं सूरज दिखा दिया हमनेकहीं पर शाम कर डालीबस अपने चंद शेरों सेहर महफिल गुलाम कर डाली। हर दिन फूल खिले मिलते हैंहर एक रात रातरानी हैजब से तुम पास मेरे बैठ गएअब तो दुश्मन भी गले मिलते हैं। तेरे ही नाम जिंदगी कर लीतुम्हें ही चारागर सा मान लियाजब अंधेरों से मुलाकात हुईतुझसे ही रोशनी कर ली। प्यार का फलसफा ही ऐसा हैमेरे गीतों में आशनाई हैआधा मिसरा ही कहा है मैंनेउसके होठों पर हंसी आई है। एक दिन गिरा...
ग़ज़ल
तुम ग़ज़ल बन गई हो हमारे लिएगुनगुनाता जिसे मैं हूं हर पल प्रियेलिखता मैं जो भी तुम्हें सोचकरतुम शग़ल बन गई हो हमारे लिए। मधुप बन तलाशा करूं मैं जिसेतुम कमल बन गई हो हमारे लिएछुअन तेरी शीतल घनी छांव सीचांदनी बन गई हो हमारे लिए। तुम चमन बन गई हो हमारे लिएपुष्प कलियां जहां मुस्कुराती मिलेंकहकशां बन गई आसमां में जहांखो गए जिसमे तारे हजारों प्रिये। तुम जतन बन गई हो हमारे लिएबंध गई है प्रणय डोर तुमसे...
सियासत
आज तेरी बातों में सियासत है बहुततभी एहसासों में बनावट है बहुत मैं तो अब भी होश मंद रहता हूंआज भी वक्त किताबों में गुजारा है बहुत। दो कदम तो चलो, हम चार कदम चल देंगेआज फिर जगने का इरादा है बहुत। चुपचाप खड़े रहने से अच्छा है मेरा मर जानावैसे भी जिंदगी में आज खतरा है बहुत। मैं तो बस ठोकर से हर दीवार गिरा डालूंआज इन दीवारों में शीशा है बहुत। जूझना होगा ही आज सोचा है बहुतअब तलक तो हमने बचाया है बहुत।...
मलाल
कितने चले गए, कितने बिछड़ गएयह मलाल रह गया, कि गले न लग सकेइस राह चलते चलते, कई हमसफर मिलेयह मलाल रह गया, कि अपने न बन सके। कितनों के साथ अपनी कुछ रंजिशें रहींयह मलाल रह गया, न मसले सुलझ सकेफिर से अगर जुड़े भी बरसों से टूटे रिश्तेयह मलाल रह गया, कि वैसे न रह सके। कितने हसीन पल भी आ कर निकल गएयह मलाल रह गया, क्यों ना संजो सके?वह पल कभी न लौटा, जो आकर गुजर गयायह मलाल रह गया, कि हम देखते रहे। अपनी...