डॉ शिवकुमार अपनी कक्षा लेकर वापस आ अपने कमरे में बैठे ही थे कि उन्हें अनुचर ने एक महत्वपूर्ण बैठक की याद दिलाई। बैठक आइक्यूएसी की थी और यह बैठक उन्होंने ही बुलाई थी। विगत कई वर्षों से वह आइक्यूएसी समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने विभिन्न प्रवक्ताओं का प्रमोशन भी पूरे मनोयोग से कराया था। बैठक का एजेंडा नया यूजीसी नियमन निश्चित था जिसके अनुसार अब शिक्षकों का प्रोफेसर पद पर प्रमोशन...
चाणक्य की पाटलिपुत्र यात्रा
चाणक्य अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे तभी अनुचर ने उन्हें उनके शिष्य चंद्रगुप्त के आने की सूचना दी। स्वर्ग में उन्हें रहते सदियां बीत चुकी थीं । चंद्रगुप्त पास के प्रांगण में रहते थे, पूर्व में जब कभी उनका गुरु से मिलने का मन होता तो सूचना आ जाती, आखिरकार वह पाटलिपुत्र के पूर्व सम्राट थे । मिलने पर वे दर्शन, साहित्य और राजनीति की चर्चा करते, कुछ पुस्तकों की भी चर्चा करते। धरती से कभी-कभार ही कोई...