जीयेs भोजपुरिया हो, जीयेs हो पुरबियाबसs चाहे जाई कौनो देशsआपन ई बोलीया भुलईहs न कबो रामाकेतनो अलग परिवेश। माटी के रंगवा रंगाइल ई बोलिया होमहके जा के हर देसडांटि के जो बोले केहू तबो लागे मीठे मीठतनिको लागे नाहिं ठेस। होलिया दिवलिया में गाईं भोजपुरियालागेला पुरबिये के तानमनवां में लागे जैईसे एही में जीनगीएही में सांझि आ बिहान। हमके त लागे जईसे एही में पीपरएही में कोईलिया के बानएही में ऊ सरसो पियर...
दीपक
वह दीपक मुझे बुलाता हैविकराल तिमिर के बिंब बीचमुझको लड़ना सिखलाता हैवह मुझमें आस जगाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। कैसे एक जरा सी लौलड़ती घनघोर अंधेरे से?दृढ़ निश्चय की बाती परअपने कदम टिकाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। मुझमें है उसका अंश कोईमेरा उससे संबंध कोईजब स्वप्नों का हो अनस्तित्ववह मुझमें स्वप्न जगाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। निश्चित है लड़ना होगा हीजब भी कोई निःशब्द हुआकोई बेड़ी में जकड़ा...