जीयेs भोजपुरिया हो, जीयेs हो पुरबिया
बसs चाहे जाई कौनो देशs
आपन ई बोलीया भुलईहs न कबो रामा
केतनो अलग परिवेश।
माटी के रंगवा रंगाइल ई बोलिया हो
महके जा के हर देस
डांटि के जो बोले केहू तबो लागे मीठे मीठ
तनिको लागे नाहिं ठेस।
होलिया दिवलिया में गाईं भोजपुरिया
लागेला पुरबिये के तान
मनवां में लागे जैईसे एही में जीनगी
एही में सांझि आ बिहान।
हमके त लागे जईसे एही में पीपर
एही में कोईलिया के बान
एही में ऊ सरसो पियर मन भावे रे
एही में बा खेत खलिहान।
माई के बोलिया सो लागे ई हमके
बाबा के लागेला सनेह
सैकड़ों जोजन दूर आई परदेसवा में
बोलीये में सगरो बा नेह।
केहू जो मिलेला हो आपन भारत देसवा के
मनवां उड़ेला जईसे रेल
कहवां बैठाईं हम कहवां सुताईं रामा
सोचले में जियरा रहेल।
दूगो बोल सुनीले रसीली भोजपुरिया में
मनवां करेला कुलेल
असहीं पहुँनवां ईहां आवत रहिहs हो
जैगदेसवा के होला तनि मेल।
सबके नेम क्षेम हम बेर बेर पूछीले
गमीयां पर बहुते मलाल
कहवां से कहां चली अईंनी हम अचके में
होला मन ऊंहैं लौट जाल।
छठिया जो आवे रामा इंहवां विदेशवा में
लागे जैसन आपने हो देस
जैसे सवंगवा आपन देस जईहैं हो
होला ई देसवा भदेसs।
बोलीए में रीत धरम बोलीए पिरीतिया हो
बोलीए में गौरी आ गणेश
आपन ई बोलीया भुलईहs न कबो रामा
केतनो अलग परिवेश।
जीयेs भोजपुरिया हो, जीयेs हो पुरबिया
जीयेs ई पुरबिया के तान।