तनी बरसs न हो…
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी
रोज रोवेलें बैठलs किसान बदरी
ताप लीलत बाs लोगन के जान बदरी
आजु फंसल बा चिरई के जान बदरी
कईलू काहे तू हमके हैरान बदरी?
तनी बरसs न गंऊआं दलान बदरी।
तनी बरसs न हो…
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी
लागी चिरई के कैसे ठेकान बदरी?
जबसे कट गईलें सगरो बगान बदरी
कहिया अइबू तू ले के फुहार बदरी
ईहां तरसत बाs दुनिया जहान सगरी
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी।
तनी बरसs न हो…
तनी बरसs न दुनिया जहान बदरी
दुपहरिये बा सुबहे से सांझ बदरी
देहवा भईल बा केतना बेजान बदरी
लूह से सूखल बा सबके परान बदरी
छूटल हथवा से हमरे कमान बदरी
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी।
तनी बरसs न हो…
तनी बरसs न दुनिया जहान बदरी
सूखल नदिया आ सूखल बा ताल सगरी
कहींयो मिले ना केहू के छांव बदरी
कछु होखे ना कईके मलाल बदरी
आज टूटल बा सगरो गुमान बदरी
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी।
तोहसे एतने बा हो…
तोहसे एतने बा हमरो गोहार बदरी
कहिया अइबू तू लेके फुहार बदरी?
सबके बसल बाs पनिए में जान बदरी
तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी
कईलू काहे तू हमके हैरान बदरी?
तनी बरसs न दुनिया जहान बदरी।