सहेजत जिनिगिया थक गइल जान रेछूटि जाई एक दिन सब रिश्ता नातान रे?जरि जाई रसरी टूटी सब गुमान रेजाने कब शिव सुनब हमरो पुकार रे?देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे? जोहत तोहर बाट राम बीती गईल जिनगीघुमलीं बहुत मंदिर घाट पहिन के हम पियरीकरत भजनिया लेत तोहर नाम रेतोहारे से मर्यादा बा तोहरे से मान रेदेखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे? जवानी के दिनवां में कहां होश होलाआंखी से सोझे राहि उल्टा बुझालामनई बुलबुला अइसन...
लौटि आव गऊंआ
भूले सजन लौटि आवs अब गऊंआलौटि आवs गऊंआ हो आवs हमरे गऊंआंहोए फेर तोहरो दर्शनवां हो रामालौटि आवs गऊंआं। गऊंआ के सोना माटी सरसो फूलाइलमहुआ भी चदरा अस भुईंयां बिछाइलफागुन के आवेला सपनवां हो रामालौटि आवs गऊंआं। जबसे तू गईल पतियो न भेजलअबला बियाहल के सुध बिसरवलकइसन बा तोहरो करेजवा हो रामा?लौटि आवs गऊंआं। अबकि जे अईबो त लौटि न पईबोनेहवा के डोर तोसे अईसन लगईबोगऊंएं में बसिहें परनवां हो रामालौटि आवs...
बदरी
तनी बरसs न हो…तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरीरोज रोवेलें बैठलs किसान बदरीताप लीलत बाs लोगन के जान बदरीआजु फंसल बा चिरई के जान बदरीकईलू काहे तू हमके हैरान बदरी?तनी बरसs न गंऊआं दलान बदरी। तनी बरसs न हो…तनी बरसs न गऊंआं दलान बदरीलागी चिरई के कैसे ठेकान बदरी?जबसे कट गईलें सगरो बगान बदरीकहिया अइबू तू ले के फुहार बदरीईहां तरसत बाs दुनिया जहान सगरीतनी बरसs न गऊंआं दलान बदरी। तनी बरसs न हो…तनी बरसs न दुनिया...
जहाजिन
कहियो आवs न हो..कहियो आवs न हमरो दलान चिरईकि सुनाईं हम आपन बयान चिरईबहुते उजड़ल बा मनवां के छान चिरईजबसे छूटल ऊ पुरखन के गांव सगरीहिया अइंठे हो जैसे गतान चिरईकहियो बिसरल न दिनवा पुरान चिरईकहियो आवs न हमरो दलान चिरई। कहियो आवs न हो…कहियो आवs न हमरो दलान चिरईकि सुनाईं हम आपन बयान चिरईदूर भईलें हो रिश्ता नातान सगरीहम ना जनलीं फिरंगी के चाल चिरईबहुते जालिम बा गिरमिट के जाल चिरईहमसे बिछुड़ल हो गंऊआं...
जीये भोजपुरिया हो
जीयेs भोजपुरिया हो, जीयेs हो पुरबियाबसs चाहे जाई कौनो देशsआपन ई बोलीया भुलईहs न कबो रामाकेतनो अलग परिवेश। माटी के रंगवा रंगाइल ई बोलिया होमहके जा के हर देसडांटि के जो बोले केहू तबो लागे मीठे मीठतनिको लागे नाहिं ठेस। होलिया दिवलिया में गाईं भोजपुरियालागेला पुरबिये के तानमनवां में लागे जैईसे एही में जीनगीएही में सांझि आ बिहान। हमके त लागे जईसे एही में पीपरएही में कोईलिया के बानएही में ऊ सरसो पियर...