ऐ जिंदगी, दो चार कदम साथ तो चल
होने दे उनसे अभी और मुलाकात तो चल।
अभी-अभी तो उनके पास आकर बैठा हूं
खुल जाएं जरा ठीक से जज्बात तो चल।
मिले हैं इतने बरस बाद कि अब याद नहीं
हो जाए जरा शाम से अब रात तो चल।
अभी तो आए है यादों के चंद झोंके ही
हो जाए जरा आंखों से बरसात तो चल।
हमारे प्यार का मधुमास अभी आया है
हो जाए उन्हें ठीक से एहसास तो चल।
यही वक्त है अब दिल के जवां होने का
उनकी खुशबू में मुझे और रवां होने का।
चलो देखें कि यह वक्त मुझे क्या देता
खुल जाए जरा किस्मत-ए-हालात तो चल।