कोई गीत नया, कोई राग नया
गाने का जतन करते रहना
सुख दुख के सारे रंगों को
जीने का जतन करते रहना
कोई दर्श नया, कोई नाम नया
यूं ही नहीं बनता यारों
तुम अपने अच्छे कर्मों की
पहचान सदा बनते रहना।
कोई स्वप्न नया, कोई अर्श नया
कब आसानी से हासिल होता?
अनजानी इन रातों में
जगने का जतन करते रहना।
उगते सूरज का नाम बड़ा
बीती शामों का जिक्र नहीं
जो दीप तुम्हारे साथ जले
तुम याद उन्हें करते रहना।
नूतन करने का द्वार सदा
तुम्हें खोजते रहना है
तुम अपने मीठे गीतों से
जीवन में रस भरते रहना।
मेरा तेरा करते-करते
ना जाने कितने लोग गए
तुम अपनेपन के आलिंगन से
लोगों का दुख हरते रहना।
कोई गीत नया, कोई राग नया
गाने का जतन करते रहना
सुख-दुख के सारे रंगों को
जीने का जतन करते रहना।