अमवां के बगिया से आवेले बयरिया, सबके करेले मतिभोर, हो रामा, हमके करेले मतिभोर
नदिया के पनिया से उठेले लहरिया, मनवां में करत हिलोर, हो रामा, मनवां में करत हिलोर।
सरसों के खेतवा में पियरी रंगाईल, महुआ चुए रे टपकोर, हो रामा, महुआ चुए रे टपकोर
कौन सो देश गइलें मोरे सुगनवा, पतियो भेजे में कमजोर, हो रामा, पतियो भेजे में कमजोर।
हमरे सजनवा के मति मारी गईलैं, पईसा भइल मुंहजोर, हो रामा, पईसा भइल मुंहजोर
अबकी फगुनवा में जाए न देबो रामा, केतनों करे हो बरजोर, हो रामा, केतनों करे हो बरजोर।
पपीहा के तकते सावन बीत गईलैं, सुखलैं नैनवा के लोर, हो रामा, सुखलैं नैनवा के लोर
कईसन कलमिया से भगिया हो लिखले रामा,पसंगो न लिखलें अजोर, हो रामा, पसंगो न लिखलें अजोर।
ननदी के भेजी हम पंच बैठाईब, अबकी ना करब अगोर, हो रामा, अबकी ना करब अगोर
नारी के दुखवा रामा केहु ना जाने, मरदे भइल महतोर, हो रामा, मरदे भइल महतोर।
अबकी फगुनवा में जाए न देबो रामा, केतनों करें हो बरजोर, हो रामा, केतनों करें हो बरजोर
हमरे सजनवा के मति मारी गईलैं, पईसा भइल मुंहजोर, हो रामा, पईसा भइल मुंहजोर।