जा रे चंदा, जा रे सूरज
जा रे बदरा, जा रे बिजुरिया
ले आ सनेसवा, ले आ असीसवा
कि कैसन बाड़ी हमार माई हो?
माई के दिनवां अब कईसे कटेला
सांस के उखड़ल कईसे दबेला
दिन राति देखत होईहैं हमरे सुरतिया
माई के मनवां त मोरे में बसेला।
जा रे पवनवां, जा रे पुरवैया
जा रे अंजोरिया, जा रे बिजुरिया
ले जा परनमवां, ले आ असीसवा
कि कैसन बाड़े हमार बाप हो?
खेतिया में साथ उनके अब के खटेला?
घरवा के काम अब कईसे डगरेला
दुअरा पर के बईठेला सांझे दुपहरिया
बाबूजी के मन हमरे बिन कईसे बीतेला?
जा रे भंवरा, जा रे कागा
जा रे सुगना, जा रे पपीहरा
ले जा बतिया, ले आप पतिया
कि कईसन बाड़ी हमार रानी हो?
सुखल मुरझाइल होईहैं हमरी सजनियां
अचके में उठत होईहैं देखि के सपनवां
जब-जब लऊकत होई माथे की बिंदिया
तब तब याद आवत होई हमरे बचनियां।
राति दिन देस खातिर कईनी अर्पनवां
कईसे अब रहीं अब तोहरे अंगनवां?
माई बाप छूट गईलें, छूटल हो दलनवां
दईबे जाने आईब आ कि होखब बलिदनवां?
जा रे चंदा, जा रे सूरज
जा रे पुरवैया, जा रे पछीमिया
जा रे सुगना, जा रे पपीहरा
ले जा परनमवां, ले आ असीसवा
कि कईसन बाड़ी हमार माई हो?
कि कईसन बाड़े हमार बाप हो?
कि कईसन बाड़ी हमार रानी हो?