सहेजत जिनिगिया थक गइल जान रे
छूटि जाई एक दिन सब रिश्ता नातान रे?
जरि जाई रसरी टूटी सब गुमान रे
जाने कब शिव सुनब हमरो पुकार रे?
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे?
जोहत तोहर बाट राम बीती गईल जिनगी
घुमलीं बहुत मंदिर घाट पहिन के हम पियरी
करत भजनिया लेत तोहर नाम रे
तोहारे से मर्यादा बा तोहरे से मान रे
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे?
जवानी के दिनवां में कहां होश होला
आंखी से सोझे राहि उल्टा बुझाला
मनई बुलबुला अइसन बघारेला शान रे
होश जब आवेलs करे पछतान रे
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे?
ऊंच तोहर बाड़ा बाटे लगल पहरेदार रे
कवनो न दुआर खोले सुनकर गोहार रे
बीतल समइया टुटल सब गुमान रे
देखीं कब लागेला हमरो ठेकान रे?
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे?
हमरो न बुझात रहे गुरुजन के बतिया
बहुत घड़ी रहल हो उलझन के रतिया
जेकर जब भ्रम टूटल हो गइल महान रे
जरि जाई रसरी टूटी सब गुमान रे
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे?
सहेजत जिनिगिया थक गइल जान रे
जाने कब शिव सुनब हमरो पुकार रे?
अबहुं अबोध हम अबहुं नादान रे
तोहारे से मर्यादा बा तोहरे से मान रे
देखीं कब आवेलs हमरे दुआर रे।