मैं रहूं ना रहूं वतन मेरा
तू रहेगा यही जतन मेरा
व्यर्थ ही आंधियों से डरते हो
अमिट एहसास है वतन मेरा।
माना हम आज कुछ परेशां है
आज आंखों में कुछ नमी सी है
कल तो अपना है यह गुमाना है
अनगिनत दौरे ऐसे गुजरे हैं
और निखरा है यह वतन मेरा।
मुश्किलों में ही परख होती है
कौन कब तलक हमकदम होगा
जब भी कुछ बेबसी का मंजर हो
फिर से उभरा है यह वतन मेरा
मान मेरा है यह वतन मेरा।
कौन कहता है चांद चलता है
कौन कहता है गुलों में रंग कम है
कौन कहता है शम्स सहमा है
थोड़ी देर बादलों में छुप छुप कर
दिल्लगी कर रहा वतन मेरा।
वक्त है यह करीब आने का
दिल के रिश्तो को अब निभाने का
फिर से आओ कि रंग भरते हैं
प्रेम के नए गीत गाते हैं
कि चिरंतन रहे वतन मेरा।
शान से फिर नए कलेवर में
उठ सजेगा यह वतन मेरा
है चिरंतन रहा वतन मेरा
मेरी बुनियाद है वतन मेरा
मान मेरा है यह वतन मेरा।